फटा चोगा, मुरझाईं आंखें जले हाथ, पैरों में ऐंठन दबी जुबां... पीठ पर, कोड़ो के निशां तपन…
Read moreपढ़ना हैं मुझकों... कुछ गढ़ना हैं मुझकों। इन बेरहम जख्मों से... लड़ना हैं मुझकों। क्यों म…
Read moreऐ मेरे रहनुमा, कुछ तो बोल दो... तरस खाकर मेरे ऊपर, अपने घर के दरवाजे खोल दो। एहसान होग…
Read moreमुझे आस हैं, कि कर्म पलटी खायेंगे... अपने भाग्य में भी, वो सूरज की किरणें फेलायेंगे। ह…
Read moreएक हसीन लडकी राजा के दरबार में डांस कर रही थी... ( राजा बहुत बदसुरत…
Read moreनमस्कार दोस्तों, आप में से कई लोग आज के समय में ऑनलाइन एजुकेशन का पार्ट हैं और चाहते ह…
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